सौरमंडल में पृथ्वी 6 class NCERT short notes

पूर्णिमा

👉 पूर्ण चंद्रमा वाली रात को पूर्णिमा कहते हैं। अर्थात चंद्रमा वाली रात ।

अमावस्या

👉 बिना चांद वाली रात को अमावस्या कहते हैं। इसे नये चंद्रमा की रात भी कहा जाता है।

खगोलीय पिंड

👉 सूर्य चंद्रमा एवं रात को आसमान में चमकने वाली सभी वस्तुओं को खगोलीय पिंड कहते हैं।

तारा

👉 यह आकार में बड़े, गर्म, और गैसों से बने होते हैं इनके पास अपनी ऊष्मा होती है एवं बड़ी मात्रा में ये अपनी उष्मा उत्सर्जित करते हैं तथा अपने प्रकाश से प्रकाशित होते हैं।

🌟हमारा सूर्य भी एक तारा है

ग्रह

👉 ग्रह के पास अपना प्रकाश नहीं होता है।यह सूर्य/तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं तथा ग्रह अपने कक्षा में सूर्य के चक्कर लगाते हैं।

ध्रुव तारा

👉 ध्रुव तारा हमेशा उत्तरी ध्रुव पर स्थित रहता है। प्राचीन काल एवं इस वर्तमान काल में भी रात के समय में ध्रुव तारा दिशा पता करने में काम आती है।

नक्षत्र मंडल

👉 तारों के समूह द्वारा बनाए गए विभिन्न आकृतियां नक्षत्र मंडल कहलाती है।
जैसे अमें यार बिग बियर
सप्त ऋषि


चंद्रमा

👉 चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 384400 किलोमीटर है।

🌟 नील आर्म स्ट्रांग पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा की सतह पर अपना कदम रखा।

सूर्य

👉 सूर्य सौरमंडल के केंद्र में स्थित है और यह एक विशाल ग्रह है तथा सौरमंडल के समस्त ऊर्जा का स्रोत सूर्य है।
🌟पृथ्वी से सूर्य की दूरी 15 करोड़ किलोमीटर है। 

🌟सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों का क्रम - बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून
🌟बृहस्पति शनि तथा यूरेनस के चारों ओर छल्ले होते हैं।

पृथ्वी

👉 पृथ्वी सूर्य से दूरी के अनुसार तीसरे स्थान पर है तथा आकार के अनुसार यह पांचवा बड़ा ग्रह है।
अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन अगस्त 2006 मैं प्लूटो ग्रह को बौने ग्रह की श्रेणी में रखा गया 2003 ub313, सिरस बौने ग्रह है।

उपग्रह

👉 उपग्रह ग्रह का चक्कर लगाते हैं जैसे पृथ्वी का अपना उपग्रह चंद्रमा है।
उपग्रह दो प्रकार के होते हैं एक प्राकृतिक और दूसरा मानव निर्मित

मानव निर्मित उपग्रह

👉 यह वैज्ञानिकों के द्वारा बनाया जाता है। इसका उपयोग ब्रह्मांड को जानने तथा हो रहे परिवर्तनों का पूर्वा अनुमान लगाने के लिए इनका उपयोग किया जाता है।
भारत के प्रमुख उपग्रह -आई. आर. एस., एडूसैट इत्यादि है।

क्षुद्रग्रह 

👉 असंख्य छोटे-छोटे पिंड जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं उन्हें क्षुद्रग्रह कहा जाता है। यह मंगल बृहस्पति की कक्षा में मिलते हैं। इनका निर्माण विस्फोट के बाद हुआ है जो कि ग्रह से टूटकर बने हुए हैं।

उल्का पिंड

👉 उल्कापिंड पात्रों के टुकड़े होते हैं जो सूर्य का चक्कर लगाते हैं। कभी-कभी यह पृथ्वी के नजदीक आ जाते हैं कई बार यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं परंतु घर्षण के कारण वह जलकर भस्म हो जाते हैं लेकिन ऐसा कई बार होता है कि उल्का पिंड वायुमंडल में बिना भस्म हुए पृथ्वी की सतह से टकरा जाती है जिससे बड़े गड्ढे का निर्माण होता है।

आकाशगंगा

👉 आकाशगंगा लाखों तारों का समूह बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है।  में बहती हुई प्रकाश की नदी के जैसा प्रतीत होती है प्राचीन काल में इसे लोग प्रकाश नदी कहते थे।
हमारा सौरमंडल मिल्की वे आकाशगंगा का एक भाग है।

ब्रह्मांड

👉 लाखों आकाशगंगा मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती है।



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