पुंग चोलाम यह मणिपुर का प्रचलित लोक नृत्य है। हालांकि यह नृत्य पुरुष प्रधान है,किंतु इस नृत्य में महिला पुरुष दोनों भाग लेते हैं। इस नृत्य का विषय रासलीला है और इसमें एक विशेष प्रकार का ढोल बजाया जाता है, जिसे पुंग कहते हैं। इस ढोल को नृत्य करते समय नर्तक अपने गले में पहनता है। यह नृत्य मधुर लय से शुरू होता है तथा चरम पर पहुंचते ही ध्वनि तेज हो जाती है।
भूतापीय ऊर्जा (Geothermal Energy)- भौमिकीय परिवर्तनों के कारण भूपर्पटी में गहराइयों पर तप्त क्षेत्रों में पिघली चट्टानें ऊपर धकेल दी जाती हैं जो कुछ क्षेत्रों में एकत्र हो जाती हैं। इन क्षेत्रों को तप्त स्थल कहते हैं। जब भूमिगत जल इन तप्त स्थलों के संपर्क में आता है तो भाप उत्पन्न होती है। कभी-कभी इस तप्त जल को पृथ्वी के पृष्ठ से बाहर निकलने के लिए निकास मार्ग मिल जाता है। इन निकास मार्गों को गरम चश्मा अथवा ऊष्ण स्रोत कहते हैं। कभी-कभी यह भाप चट्टानों के बीच में फँस जाती है जहाँ इसका दाब अत्यधिक हो जाता है। तप्त स्थलों तक पाइप डालकर इस भाप को बाहर निकाल लिया जाता है। उच्च दाब पर निकली यह भाप विद्युत जनित्र की टरबाइन को घुमाती है जिससे विद्युत उत्पादन करते हैं। इसके द्वारा विद्युत उत्पादन की लागत अधिक नहीं है परंतु ऐसे बहुत कम क्षेत्र हैं जहाँ व्यापारिक दृष्टिकोण से इस ऊर्जा का दोहन करना व्यावहारिक है। न्यूजीलैंड तथा संयुक्त राज्य अमेरिका में भूतापीय ऊर्जा पर आधारित कई विद्युत शक्ति संयंत्र कार्य कर रहे हैं।
नौवतखाने में इबादत 10th class hindi question and answer 'संगीतमय कचौड़ी' का आप क्या अर्थ समझते हैं ? उत्तर -कुलसुम हलवाइन की कचौड़ी संगीतमय कहा गया है। वह जब बहुत गरम घी में कचौड़ी डालती थी, तो उस समय छन्न से आवाज उठती थी जिसमें अमीरुद्दीन को संगीत के आरोह-अवरोह की आवाज सुनाई देती थी। इसीलिए कचौड़ी को 'संगीतमय कचौड़ी' कहा गया है । सुषिर वाद्य किन्हें कहा जाता है ? 'शहनाई' शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई है? उत्तर– सुषिर वाद्य ऐसे वाद्य हैं, जिनमें नाड़ी (नरकट या रीड) होती है, जिन्हें फूंककर बजाया जाता है। अरब देशों में ऐसे वाद्यों को नय कहा जाता है और उनमें शाह को शहनाई की उपाधि दी गई है, क्योंकि यह वाद्य मुरली, श्रृंगी जैसे अनेक वाद्यों से अधिक मोहक है। पठित पाठ के आधार पर मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव का परिचय दें। उत्तर– मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ का अत्यधिक जुड़ाव था। मुहर्रम के महीने में वे न तो शहनाई बजाते थे और न ही किसी संगीत-कार्यक्रम में सम्मिलित होते थे । मुहर्रम की आठवीं तारीख को बिस्मिल्ला खाँ खड़े होकर ही शहनाई बजाते थे। वे...
विद्युत बल तथा गुरुत्वाकर्षण बल में तुलना (comparison between electric force and gravitational force) विद्युत बल तथा गुरुत्वाकर्षण बल दोनों एक ही नियम के आधार पर कार्य करते हैं एवं दोनों ही निर्वात में क्रियाशील रहते हैं इन दोनों दलों के बीच प्रमुख अंतर निम्नलिखित है। विद्युत बल आकर्षणात्मक तथा प्रतिकर्षणात्मक दोनों होता है जबकि गुरुत्वाकर्षण बल केवल आकर्षणात्मक होता है इससे ज्ञात होता है कि आवेश दो प्रकार के होते हैं जबकि द्रव्यमान केवल एक ही प्रकार का होता है विद्युत बल दोनों आवेशों के बीच के माध्यम पर निर्भर करता है जबकि गुरुत्वाकर्षण बल दोनों द्रव्यमान के बीच के माध्यम पर निर्भर नहीं होता है। विद्युत बल , गुरुत्वाकर्षण बल की तुलना में अत्यंत प्रबल होता है।
10th class physics objective question and answer प्रकाश का अपवर्तन निम्नलिखित में से कौन किसी वस्तु का वास्तविक प्रतिबिंब बना सकती है कांच की समतल पट्टी अवतल लेंस उत्तल लेंस इनमें कोई नहीं किसी माध्यम के अपवर्तनांक का मान होता है (Sin I)/(Sin r) (Sin r)/(Sin I) (Sin i )+( sin r) (Sin I) x (sin r) सरल सूक्ष्मदर्शी में किसका उपयोग होता है उत्तल लेंस का अवतल लेंस का उत्तल दर्पण का अवतल दर्पण का उत्तल लेंस है किनारे की अपेक्षा बीच में मोटा होता है बीच की अपेक्षा किनारों पर मोटा होता है। की मोटाई सभी जगह समान होती है। कोई सही नहीं है किसी उत्तल लेंस के सापेक्ष कोई वस्तु किस स्थान पर रखी जाए कि उसका वास्तविक, उल्टा तथा बराबर समान आकार का प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके लेंस तथा उसके फोकस के बीच फोकस पर फोकस दूरी से दुगनी दूरी पर अनंत पर उत्तल लेंस में जब वस्तु फोकस एवं लेंस के बीच रखी जाती है तब कैसा प्रतिबिंब बनता है काल्पनिक और सीधा काल्पनिक और उल्टा वास्तविक और उल्टा वास्तविक और सीधा यदि वस्तु उत्तल लेंस की फोकस तथा फोकस दूरी की दुगनी दूरी के बीच हो तो प्रत...
किसी अवतल दर्पण द्वारा आभासी (काल्पनिक), सीधा और आवर्धित प्रतिबिम्ब तब बनता है जब वस्तु (बिम्ब) की स्थिति होती है वक्रता केंद्र पर वक्रता -केंद्र से परे फोक्स और वक्रता केंद्र के बीच दर्पण के ध्रुव और उसके फोक्स के बीच ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ मोटरगाड़ी के चालक के सामने लगा रहता है समतल दर्पण अवतल दर्पण उत्तल दर्पण एक पतला लेंस ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब होता है काल्पनिक और उलटा काल्पनिक और सीधा वास्तविक और उलटा वास्तविक और सीधा ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब होता है। हमेशा सीधा हमेशा उलटा सीधा भी और उलटा भी इनमें कोई नहीं ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ दाढ़ी बनाने में किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है ? उत्तल समतल अवतल इनमें कोई नहीं ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ एक दर्पण से किसी भी दूरी पर रखी एक वस्तु का सीधा प्रतिबिंब ही प्राप्त होता है। दर्पण हो सकता है समतल उत्तल समतल अथवा उत्तल अवतल ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ संबंध f= R/2, सत्य है। उत्तल दर्पण के लि...
गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं? उत्तर- अहिंसक प्रतिरोध को गाँधीजी बढ़िया शिक्षा कहते हैं। यह शिक्षा अक्षर-ज्ञान से पूर्व मिलना चाहिए। इंद्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग सीखना क्यों जरूरी है? उत्तर-इन्द्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग उसकी बुद्धि के विकास का जल्द-से-जल्द और उत्तम तरीका है। मस्तिष्क और आत्मा का उच्चतम विकास कैसे संभव है ? उत्तर-शिक्षा का प्रारंभ इस तरह किया जाए कि बच्चे उपयोगी दस्तकारी सीखें और जिस क्षण से वह अपनी तालीम शरु करें उसी क्षण उन्हें उत्पादन का काम करने योग्य बना दिया जाए। इस प्रकार की शिक्षा-पद्धति में मस्तिष्क और आत्मा का उच्चतम विकास संभव है। शिक्षा का ध्येय गाँधीजी क्या मानते थे और क्या ? उत्तर-शिक्षा का ध्येय गाँधीजी चरित्र-निर्माण करना मानते थे। उनके विचार से शिक्षा के माध्यम से मनुष्य में साहस, बल, सदाचार जैसे गुणों का विकास होना चाहिए, क्योंकि चरित्र-निर्माण होने से सामाजिक उत्थान स्वयं होगा। साहसी और सदाचारी व्यक्ति के हाथों में समाज के संगठन का काम आसानी से सौंपा जा सकता है । गाँधीजी किस तरह के सामंजस्य को भारत के लिए बे...
भारत भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है जिसमें बहुरंगी विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसके साथ ही यह अपने-आप को बदलते समय के साथ ढ़ालती भी आई है। आज़ादी पाने के बाद भारत ने बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है। भारत कृषि में आत्मनिर्भर बन चुका है और अब दुनिया के सबसे औद्योगीकृत देशों की श्रेणी में भी इसकी गिनती की जाती है। विश्व का सातवां बड़ा देश होने के नाते भारत शेष एशिया से अलग दिखता है जिसकी विशेषता पर्वत और समुद्र ने तय की है और ये इसे विशिष्ट भौगोलिक पहचान देते हैं। उत्तर में बृहत् पर्वत श्रृंखला हिमालय से घिरा यह कर्क रेखा से आगे संकरा होता जाता है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर तथा दक्षिण में हिन्द महासागर इसकी सीमा निर्धारित करते हैं। पूरी तरह उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत की मुख्यभूमि 8 डिग्री 4 मिनट और 37 डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश और 68 डिग्री 7 मिनट तथा 97 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है । उत्तर से दक्षिण तक इसकी अधिकतम लंबाई 3,214 कि.मी. और पूर्व से पश्चिम तक अधिकतम चौड़ाई 2,933 कि.मी. है। इसकी ज...
विराम चिन्ह :- विराम का अर्थ है ठहराव पद, वाक्यांश या वाक्य पढ़ते समय विचारों को स्पष्ट करने के लिए बीच-बीच में थोड़ी देर ठहर जाते हैं, इसी ठहराव को व्याकरण में 'विराम' कहते हैं लिखने में भी अपने भावो को स्पष्ट करने के लिए कुछ चिन्ह निर्धारित है, उन्हें विराम चिन्ह कहते हैं। जैसे:- सुनो, मत जाओ। सुनो मत, जाओ। पहले वाक्य में सुनो के बाद विराम चिन्ह लगाने से वाक्य का अर्थ हो गया - सुनो मत जाओ।दूसरे वाक्य में सुनो मत के बाद विराम चिन्ह लग जाने से वाक्य का दूसरा भी अर्थ हो गया - सुनो और चले जाओ।स्पष्ट है कि विराम चिन्हों का प्रयोग हमारे कथन के अर्थ में आश्चर्यजनक परिवर्तन कर देता है। हिंदी में प्रयोग किए जाने वाले निम्नलिखित विराम चिन्ह हैं :- 1. पूर्ण विराम (।) :- वाक्य के पूरा हो जाने पर इन चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। केवल प्रश्नवाचक अथवा विस्मयादिबोधक चिन्ह को छोड़कर सदैव ही वाक्य के अन्त में पूर्ण विराम चिन्ह लगता है। 2. अर्द्ध विराम (;) :- जहां पूर्ण विराम की अपेक्षा काम रुकना होता है, वहां अर्द्ध विराम चिन्ह लगाया जाता है। जैसे:- (क) परिश्...
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